Rumored Buzz on ⚠️ Galat samay par ki gayi sadhna vipreet asar bhi de sakti hai.
मैया गुफ्फा की आज्ञा मन रिद्धि सिद्धि देवी आन
हम सभी यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण कई सालों के बाद आता है और चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना होती है.
भूत बाधा नाशक मंत्र : भुत प्रेत भगाने का शक्तिशाली मंत्र
अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें।
जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'
साधना में बताए गये अनुष्ठान के दिनों तक बिना आलस्य के प्रतिदिन जप अवश्य करें।
ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।
दोनो वीच बैठे शिवजी महात्मा, खोल घड़ा दे दडा
मंत्र को गुप्त रखें:- शाबर मंत्र को गुप्त रखना अनिवार्य है। किसी अयोग्य व्यक्ति के साथ मंत्र साझा नहीं करें। साथ ही साधना के समय मौन रहना चाहिए।
इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।
उसके बाद जैसे ही सूर्य ग्रहण चालू होता है तो सूर्य ग्रहण चालू होने के बाद आप अपनी पूजा की जगह से किसी अन्य जगह पर जाकर बैठ जाए और फिर सामने घी का दीपक जलाएं और फिर उसके बाद अपने हाथ में थोड़ा सा पानी लेकर संकल्प लेकर साबर मंत्र जपना शुरू कर दे.
तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के here द्वारा ही हुई है.
भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।